छात्रावास

 

शासकीय मो. हरगोविंददास गृह विज्ञान महाविद्यालय एवं शास. मानकुंवर बाई कला एवं वाणिज्य स्वषासी महिला महाविद्यालय का संयुक्त छात्रावास है। हाॅस्टल सुविधा 1958 से आरम्भ हो गयी थी आरम्भ में 15-20 छात्राएॅ थी। शास. गृहविज्ञान छात्रावास का नाम वर्तमान में स्वयंसिद्धा छात्रावास है। छात्रावास की प्रथम अधीक्षक एवं प्रथम प्राचार्य श्रीमती कुसुम मेहता थी।
स्वयंसिद्धा छात्रावास में चालीस कमरे इस महाविद्यालय की छात्राओं के लिए आवन्टित हैं जिसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर की कुल 98 छात्रायें वर्तमान में रह रही है।
छात्राओं का प्रवेश मेरिट-सूची के आधार पर किया जाता है। साथ ही विषय एवं स्थान पर ध्यान दिया जाता है कि छात्रा जहाँ से आयी हैं वहाँ वह विषय है अथवा नहीं
छात्रावास कैम्पस में
ैण्ज्ण्क्ण् सुविधा, कैन्टीन जूस-सेन्टर, लायबे्ररी सुविधा उपलब्ध है।
छात्रावास में मैस-चार्ज 950/- नौ सौ पचास रूपये है जिसमें दोनों समय का भोजन सुबह दूध एवं शाम को नाश्ता दिया जाता है।
महाविद्यालय की वर्तमान प्राचार्य डाॅ. श्रीमती गीता श्रीवास्तव समय समय पर छात्रावास सम्बंधी समस्याओं के निराकरण के लिए हर संभव प्रयास करती है।